मध्य प्रदेश / शिवराज की जनप्रतिनिधियों से अपील- कोरोना महामारी को खत्म करने के लिए पूरी ताकत लगा दें, चेन तोड़ने से ही होगी रोकथाम

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जन-प्रतिनिधियों से अपील की है कि कोरोना वायरस की महामारी को समाप्त करने में अपनी पूरी क्षमता लगा दें। शिवराज मंगलवार को विधानसभा परिसर में जन-प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना वायरस की गंभीरता को देखते हुए भोपाल और जबलपुर में कर्फ्यू लगा दिया गया है, (हालांकि अब ग्वालियर में भी कर्फ्यू लगा दिया गया) और प्रदेश के 36 शहरों में जिला प्रशासन द्वारा लॉकडाउन घोषित किया गया है। प्रदेश के सभी प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इस संक्रामक रोग की रोकथाम के लिए सभी ऐहतियाती कदम उठाएं।


चेन को तोड़कर ही कोरोना से निपटा जा सकता है 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'जनता कर्फ्यू' की अपील से मिले जन-समर्थन की सराहना करते हुए शिवराज ने जनता से अपील की है कि कोरोना रोग की रोकथाम का एक मात्र उपाय, इसकी कड़ी को तोड़ना है। जन प्रतिनिधि विश्वास दिलाएं कि यद्यपि संकट है लेकिन जन-सहयोग से इस विश्वव्यापी संकट से निपटने में शासन पूरी तरह सक्षम है। प्रशासन के लॉकडाउन आदेश का पूरी तरह पालन करें। उन्होंने कहा कि अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। जन सुविधा के लिये सभी आवश्यक सेवाओं को इससे मुक्त रखा गया है।


भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल को बनाया राज्य स्तरीय कोरोना उपचार केंद्र 
सरकार ने भोपाल मेमोरियल अस्पताल को राज्य स्तरीय कोरोना उपचार केंद्र बना दिया है। यहां पर केवल कोरोना कोविड 19 से संक्रमित मरीजों का इलाज ही किया जाएगा। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव पल्लवी जैन गोविल ने आदेश जारी कर दिया है। आदेश में कहा गया है कि स्पेशियलिटी स्वास्थ्य संस्थान है। इस संस्थान को राज्य स्तरीय कोविड-19 उपचार संस्थान चिह्न्ति किया जाता है। इस अस्पताल में सिर्फ कोविड-19 के मरीजों का उपचार किया जाएगा। बीएमएचआरसी को भोपाल गैस पीड़ितों के उपचार के लिए बनाया गया है। 



सरकार कहती कुछ और करती कुछ और है : कमलनाथ 
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कोरोना के मद्देनजर राजधानी भोपाल में कर्फ्यू प्रभावशील होने के बावजूद विधानसभा सत्र बुलाने के निर्णय को समझ से परे बताया है। कमलनाथ ने ट्वीट के माध्यम से कहा कि एक तरफ कोरोना से निपटने के लिए कर्फ्यू और लॉकडाउन और अन्य कदम उठाए गए हैं। दूसरी तरफ सरकार ने विधानसभा सत्र बुलाने का निर्णय देर रात ले लिया, जो समझ से परे है। उन्होंने कहा कि विश्वास मत हासिल करने के लिए समय था, आखिर इतनी जल्दबाजी क्यों। उन्होंने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए दोहरे मापदंड क्यों अपनाए जा रहे हैं। 





 




भोपाल में 10 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव 
भोपाल में अभी तक कोरोना संक्रमण का एक ही मरीज है। सोमवार को भेजे गए 10 सैंपल की संक्रमण रिपोर्ट नेगेटिव आई है। सीएमएचओ ने बताया कि भोपाल में संक्रमण का केवल एक ही मरीज पाया गया है, उसका इलाज भी एम्स में चल रहा है। उसकी हालत बेहतर है और सामान्य है। इसके अलावा आज 10 सैंपल की रिपोर्ट आई है, वह सभी नेगेटिव पाए गए हैं। किसी भी व्यक्ति में कोरोना संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। जिला प्रशासन द्वारा धारा 144 के अंतर्गत आदेश जारी किया गया है। पूरे शहरियों से निवेदन है कि वह अपने घर में रहें और बहुत अधिक आवश्यकता होने पर ही परिवार का कोई सदस्य सैनेटाइज होने के बाद ही घर से निकले और अपने आसपास की दुकानों से सामान लेकर घर पहुंच जाए, हाथ धोकर घर मे प्रवेश करे। 


प्रदेश में बढ़कर नौ हो गई कोरोना मरीजों की संख्या 
इधर, कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के मद्देनजर किए जा रहे प्रयासों के बीच दो और नए मामले मिले हैं, जिसके बाद प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर नौ हो गयी है। ग्वालियर और शिवपुरी में आज एक एक कोरोना मरीज मिला। इसके पहले जबलपुर में छह और भोपाल में एक कोरोना वायरस से संक्रमित मिला है। ग्वालियर और शिवपुरी में दोनों संदिग्धों की रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने के बाद प्रशासन हाईअलर्ट पर आ गया है। ग्वालियर में जो पॉजिटिव मरीज मिला वह हाल ही में खजुराहो से लौटा था तथा शिवपुरी में मिलने वाला पॉजिटिव मरीज दुबई से आया है।


महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और यूपी से लगी सीमाएं सील की गईं
कोरोना के एक सौ से अधिक संभावितों के सैंपल जांच के लिए भेज गए, जिनमें आज दो और संदिग्धों की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। प्रदेश में कोरोना से प्रभावितों की संख्या बढ़कर नौ हो गयी। जांच में 69 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं 29 मरीजों की जांच रिपोर्ट आनी बाकी है। इसके अलावा प्रशासन द्वारा प्रदेश के लगभग सभी जिलों की सीमाएं भी एहतियातन सील की गयी। कोरोना के चलते महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से लगने वाली प्रदेश की सीमाएं भी सील की गयी है। बाहर से आने वालों यात्री पूरी तरह से प्रतिबंधित किए गए हैं।